Saturday, June 11, 2016

How to effect milk on health?

गर्मियों के दिनों में दूध से बने पदार्थों का सेवन करना शरीर के लिए बहुत फायदेमद माना जाता है जैसे कि दही, पनीर व छाछ। यह सब चीजें ज्यादा गर्मी में हमें ठंडक देती हैं।
अाज हम अापको गर्मियों में हर रोज छाछ का सेवन करने के बारे में बताएगें। इसे पीने से न केवल अापको ठंडक मिलती है बल्कि हमारे चेहरे में चमक भी अाती है। खास बात तो यह है कि अगर अाप खाना खाने के बाद छाछ पीएगे तो इसे जोड़ों के दर्द से भी राहत मिलती है। इसलिए अाज हम अापको गर्मियों में हर रोज छाछ पीने से होने वाले फायदों के बारे में बताएगें। तो अाइए जानते हैं…

– एसिडिटी

अगर अाप को गर्मी ज्यादा होने के कारण दस्त हो गए है तो अाप इसे दूर करने के लिए बरगद की जटा को लेकर पीस लें और इसे छानकर छाछ में मिलाकर सेवन करें। हर रोज छाछ में मिश्री, काली मिर्च और सेंधा नमक मिला कर पीने से एसिडिटी का समस्या दूर हो जाती है।

– रोग प्रतिरोधकता को बढाएं

हर रोज छाछ का सेवन करने से अाप तुरंत ऊर्जावान हो जाते हैं क्योंकि इसमें हेल्दी बैक्टीरिया और कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं। यह लैक्टोस शरीर में आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।

– कब्ज

अगर अापको कब्ज की शिकायत ज्यादा रहती है तो अाप छाछ में अजवाइन मिलाकर इसका सेवन करें। इसे कब्ज की समस्या दूर हो जाती है। गर्मियों में अाप पेट की सफाई करने के लिए छाछ में पुदीना मिलाकर पीएं।

– खाना न पचने की शिकायत

छाछ में भुने जीरे का चूर्ण, काली मिर्च का चूर्ण और सेंधा नमक का चूर्ण मिला कर पीने से पाचक अग्रि तेज होती है जिससे खाना अच्छे से पंच जाता है।

– विटामिन

ज्यादा धूप में घुमने के कारण हमारे शरीर के जरूरी पोषण तत्व खो जाते हैं। इन तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए बटर मिल्क वाले पदार्थों का सेवन जरूर करें क्योंकि इन्में विटामिन सी, ए, ई, के और बी पाए जाते हैं।

– मिनरल्स

अगर अाप डाइटिग कर रहें हैं तो हर रोज एक गिलास मट्ठा जरूर पीएं क्योंकि इस में पोषक तत्व जैसे लोहा, जस्ता, फास्फोरस और पोटेशियम पाएं जाते है जो हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं।

How to effect milk on health?

गर्मियों के दिनों में दूध से बने पदार्थों का सेवन करना शरीर के लिए बहुत फायदेमद माना जाता है जैसे कि दही, पनीर व छाछ। यह सब चीजें ज्यादा गर्मी में हमें ठंडक देती हैं।
अाज हम अापको गर्मियों में हर रोज छाछ का सेवन करने के बारे में बताएगें। इसे पीने से न केवल अापको ठंडक मिलती है बल्कि हमारे चेहरे में चमक भी अाती है। खास बात तो यह है कि अगर अाप खाना खाने के बाद छाछ पीएगे तो इसे जोड़ों के दर्द से भी राहत मिलती है। इसलिए अाज हम अापको गर्मियों में हर रोज छाछ पीने से होने वाले फायदों के बारे में बताएगें। तो अाइए जानते हैं…

– एसिडिटी

अगर अाप को गर्मी ज्यादा होने के कारण दस्त हो गए है तो अाप इसे दूर करने के लिए बरगद की जटा को लेकर पीस लें और इसे छानकर छाछ में मिलाकर सेवन करें। हर रोज छाछ में मिश्री, काली मिर्च और सेंधा नमक मिला कर पीने से एसिडिटी का समस्या दूर हो जाती है।

– रोग प्रतिरोधकता को बढाएं

हर रोज छाछ का सेवन करने से अाप तुरंत ऊर्जावान हो जाते हैं क्योंकि इसमें हेल्दी बैक्टीरिया और कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं। यह लैक्टोस शरीर में आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।

– कब्ज

अगर अापको कब्ज की शिकायत ज्यादा रहती है तो अाप छाछ में अजवाइन मिलाकर इसका सेवन करें। इसे कब्ज की समस्या दूर हो जाती है। गर्मियों में अाप पेट की सफाई करने के लिए छाछ में पुदीना मिलाकर पीएं।

– खाना न पचने की शिकायत

छाछ में भुने जीरे का चूर्ण, काली मिर्च का चूर्ण और सेंधा नमक का चूर्ण मिला कर पीने से पाचक अग्रि तेज होती है जिससे खाना अच्छे से पंच जाता है।

– विटामिन

ज्यादा धूप में घुमने के कारण हमारे शरीर के जरूरी पोषण तत्व खो जाते हैं। इन तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए बटर मिल्क वाले पदार्थों का सेवन जरूर करें क्योंकि इन्में विटामिन सी, ए, ई, के और बी पाए जाते हैं।

– मिनरल्स

अगर अाप डाइटिग कर रहें हैं तो हर रोज एक गिलास मट्ठा जरूर पीएं क्योंकि इस में पोषक तत्व जैसे लोहा, जस्ता, फास्फोरस और पोटेशियम पाएं जाते है जो हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं।

Friday, June 10, 2016

****Heart solution****


शंख & Health

शंख की आकृति और पृथ्वी की संरचना समान है। नासा के अनुसार शंख बजाने से खगोलीय ऊर्जा का उत्सर्जन होता है, जो जीवाणु का नाश कर लोगों में ऊर्जा व शक्ति का संचार करता है।
शंख 100% कैल्शियम से निर्मित होता है। इसमें रात को पानी भर के पीने से कैल्शियम की पूर्ति होती है।
* शंख बजाने से योग की 3 क्रियाएं एकसाथ होती हैं- कुम्भक, रेचक, प्राणायाम।
* शंख बजाने से हृदयाघात, रक्तचाप की अनियमितता, दमा, मंदाग्नि में लाभ होता है
* शंख बजाने से फेफड़े पुष्ट होते हैं।
* शंख में पानी रखकर पीने से मनोरोगी को लाभ होता है, उत्तेजना कम होती है।
* शंख की ध्वनि से दिमाग व स्नायु तंत्र सक्रिय रहता है की आकृति और पृथ्वी की संरचना समान है। नासा के अनुसार शंख बजाने से खगोलीय ऊर्जा का उत्सर्जन होता है, जो जीवाणु का नाश कर लोगों में ऊर्जा व शक्ति का संचार करता है।
शंख 100% कैल्शियम से निर्मित होता है। इसमें रात को पानी भर के पीने से कैल्शियम की पूर्ति होती है।
* शंख बजाने से योग की 3 क्रियाएं एकसाथ होती हैं- कुम्भक, रेचक, प्राणायाम।
* शंख बजाने से हृदयाघात, रक्तचाप की अनियमितता, दमा, मंदाग्नि में लाभ होता है
* शंख बजाने से फेफड़े पुष्ट होते हैं।
* शंख में पानी रखकर पीने से मनोरोगी को लाभ होता है, उत्तेजना कम होती है।
* शंख की ध्वनि से दिमाग व स्नायु तंत्र सक्रिय रहता है

Thursday, June 9, 2016

बालों के लिए बनाइये बहुत ही प्रभावी आयुर्वेदिक तेल

आज हम आपके पतले – कमजोर पड़ चुके बालों के लिए एक
विशेष आयुर्वेदिक तेल बनाने की विधि बताएँगे जो
बेजान बालों को घने – काले केशों की घटा में बदल
देगा। घर पर बने इस तेल से आपके बालो को कालापन,
मजबूती, खुश्की, रुसी , बाल झडना आदी से निजात
मिलेगी, थोड़ी सी मेहनत से ये आपको बालो की
होने वाली सभी बीमारियों से निजात दिला
देगा ।
सामग्री :-
====
लौह भस्म – 10 ग्राम
ब्राहमी – 10 ग्राम
लाल चन्दन – 10 ग्राम
आंवला चूर्ण – 25 ग्राम
भ्रंगराज चूर्ण – 25 ग्राम
काफ़ी चूर्ण – 25 ग्राम
मेंहदी के पत्ते – 20 ग्राम ,
जैतून का तैल- 50 ग्राम ,
अरण्डी का तैल – 50 ग्राम ,
नारियल का तैल – 500 ग्राम,
* अब आप तैलो को छॊड कर सभी चूर्ण का पेस्ट बना लें
रात में पेस्ट बना कर रख दें. सुबह लोहे की कडाही में
तीनों तेल डाल कर यह पेस्ट डाल दें अब आप इस में -250
ग्राम पानी डाल दें.अब धीमी आंच पर पकाएं कि
पानी जल जाये और सिर्फ़ तेल बचे उसके बाद भी लगभग
दस मिनट और पकाएं फ़िर ठण्डा होने पर सूती कपडॆ की
चार तह बना कर उस में से निचोड कर छान लें छने हुए तेल
को एक बार फ़िर दो तह के सूती कपडॆ से छानकर रख लें
सप्ताह में कम से कम दो बार इस तेल से रात को हाथों
की अंगुलियों से बालों की जडॊ में अच्छी तरह से
लगायें जिस से तेल त्वचा के अन्दर समा जाए सारी
रात तेल लगा रह ने दें सुबह साफ़ पानी से बालों को
धो लें बाजार के शैम्पू का प्रयोग न करें.

**हरा धनिया**

अधिकतर घरों में तो रोजाना हरे धनिया का इस्तेमाल होता है। धनिये
के सभी भाग खाद्य साम्रगी के लिए उपयुक्त
रहे हैं, लेकिन
ताज़ा धनिये के पत्ते और सूखे बीजों का सबसे अधिक
खाना पकाने में
इस्तेमाल किया जाता है। धनिया भारतीय रसोई में प्रयोग
किए जाने
वाली सुंगंधित हरी पत्तीयाँ हैं।
****************
आयुर्वेद के अनुसार इसके उपयोग से शरीर को बहुत
फायदे होते हैं -
हरा धनिया वातनाशक होने के साथ-साथ
पाचनशक्ति भी बढ़ाता है।
हरे धनिया के साथ ख़ास-तौर पर पुदीना मिलाकर
इसकी चटनी बनाई
जाती है। जो हमारे शरीर को आराम
देती है। इसको खाने से नींद
भी अच्छी आती है।
शुद्ध शाकाहार में हरे धनिए का उपयोग बहुतायत में किया जाता है।
ताज़ा हरा धनिया व हरी मिर्च
की चटनी बहुत प्रसिद्ध है।
इसका उपयोग मेहमान नवाजी में ख़ासतौर पर
किया जाता है।
गुजराती लोग ख़ासतौर पर हरे धनिए के साथ लहसुन
और गुड़ मिलाकर
इस चटनी का उपयोग करते हैं।
गर्मी के दिनों में ख़ास कर हरा धनिया और
कैरी का उपयोग कर
चटनी बनाई जाती है। जो दाल-
बाटी या सादे भोजन के साथ भी बनाई
जाती है।
घर पर पानीपूरी बनाने-खाने वाले लोग
भी हरा धनिया और
कैरी का उपयोग कर घर में ही मसाले
वाला पानी तैयार करते हैं,
जो बहुत स्वादिष्ट होने के साथ-साथ
पाचनशक्ति को ठीक करने
का काम करता है।
हरे धनिए का दही के रायते में भी भरपूर
उपयोग किया जाता है।
मुँह के छालों या गले के रोगों में हरे धनिया के रस से
कुल्ला करना चाहिए।
आँखों की सूजन व लाली में धनिया को कूटकर
पानी में उबाल कर, उस
पानी को कपड़े से छानकर आँखों में टपकाने से दर्द कम
होता है।
धनिया पत्ती का रस नकसीर फूटने पर नाक
में टपकाने से खून
आना बंद हो जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर (Hypertention)

1) नमक ब्लड प्रेशर बढाने वाला प्रमुख कारक है। इसलिए यहबात सबसे महत्वपूर्ण है कि हाई बी पीवालों को नमक का प्रयोग कम कर देना चाहिए।
*2) उच्च रक्तचाप का एक प्रमुख कारण होता है रक्त का गाढाहोना। रक्त गाढा होने से उसका प्रवाह धीमा हो जाताहै। इससे धमनियों और शिराओं में दवाब बढ जाता है लहसुनब्लड प्रेशर ठीक करने में बहुत मददगार घरेलू उपायहै। यह रक्त का थक्का नहीं जमने देतीहै। धमनी की कठोरता में लाभदायक है।रक्त में ज्यादा कोलेस्ट्ररोल होने की स्थिति का समाधानकरती है।
3) एक बडा चम्मच आंवले का रस और इतना हीशहद मिलाकर सुबह-शाम लेने से हाई ब्लड प्रेशर में लाभ होता है।
*4) जब ब्लड प्रेशर बढा हुआ हो तो आधा गिलासमामूली गर्म पानी में कालीमिर्च पाउडर एक चम्मच घोलकर 2-2 घंटे के फ़ासले सेपीते रहें। ब्लड प्रेशर सही करने काबढिया उपचार है।
5) तरबूज के बीज की गिरि तथा खसखसअलग-अलग पीसकर बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें।एक चम्मच मात्रा में प्रतिदिन खाली पेटपानी के साथ लें।
*6) बढे हुए ब्लड प्रेशर को जल्दी कंट्रोल करने केलिये आधा गिलास पानी में आधा नींबूनिचोड़कर 2-2 घंटे के अंतर से पीते रहें।हितकारी उपचार है।
7) पांच तुलसी के पत्ते तथा दो नीमकी पत्तियों को पीसकर 20 ग्रामपानी में घोलकर खाली पेट सुबह पिएं। 15दिन में लाभ नजर आने लगेगा।
*8) हाई ब्लडप्रेशर के मरीजों के लिएपपीता भी बहुत लाभ करता है, इसेप्रतिदिन खाली पेट चबा-चबाकर खाएं।
9) नंगे पैर हरी घास पर 10-15 मिनट चलें। रोजाना
चलने से ब्लड प्रेशर नार्मल हो जाता है।
*10) सौंफ़, जीरा, शक्कर तीनों बराबर मात्रामें लेकर पाउडर बना लें। एक गिलास पानी में एकचम्मच मिश्रण घोलकर सुबह-शाम पीते रहें।
11) पालक और गाजर का रस मिलाकर एक गिलास रस सुबह-शामपीयें, लाभ होगा।
*12) करेला और सहजन की फ़ली उच्चरक्त चाप-रोगी के लिये परम हितकारी हैं।
13) गेहूं व चने के आटे को बराबर मात्रा में लेकर बनाई गई
रोटी खूब चबा-चबाकर खाएं, आटे से चोकर न निकालें।
*14) ब्राउन चावल उपयोग में लाए। इसमें नमक,कोलेस्टरोल औरचर्बी नाम मात्र की होती है।यह उच्च रक्त चाप रोगी के लिये बहुतही लाभदायक भोजन है।
15) प्याज और लहसुन की तरह अदरकभी काफी फायदेमंद होता है। बुराकोलेस्ट्रोल धमनियों की दीवारों पर प्लेकयानी कि कैल्शियम युक्त मैल पैदा करता हैजिससे रक्त के प्रवाह में अवरोध खड़ा हो जाता है और
नतीजा उच्च रक्तचाप के रूप में सामने आता है।अदरक में बहुत हीं ताकतवरएंटीओक्सीडेट्स होते हैं जो कि बुरेकोलेस्ट्रोल को नीचे लाने में काफी असरदार
होते हैं। अदरक से आपके रक्तसंचार में भी सुधारहोता है, धमनियों के आसपास की मांसपेशियों कोभी आराम मिलता है जिससे कि उच्च रक्तचापनीचे आ जाता है।
*16) तीन ग्राम मेथीदाना पावडर सुबह-शाम पानी के साथ लें। इसे पंद्रह दिनों तक लेने सेलाभ मालूम होता है।